फीफा वर्ल्ड कप 2026 का पहला सेमीफाइनल स्पेन और फ्रांस की टीम के बीच में डलास के स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में स्पेन की टीम का दबदबा दोनों हाफ के दौरान देखने को मिला जिसके चलते फ्रांस के स्टार खिलाड़ी किलियन एमबापे भी अपना जादू दिखाने में कामयाब नहीं हो सके। स्पेन की टीम ने 2-0 से एकतरफा जीत हासिल करने के साथ फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में स्पेन की टीम दूसरी बार फाइनल तक पहुंचने में कामयाब हो सकी है इससे पहले साल 2010 के वर्ल्ड कप में जब उन्होंने खिताबी मैच में अपनी जगह बनाई थी तो ट्रॉफी को अपने नाम करने में कामयाब रहे थे। अब इस बार फाइनल मुकाबले में उनका सामना डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले की विजेता टीम से होगा।
ओयरजाबल किया पहला गोल, पोरो ने जीत को किया तय
स्पेन और फ्रांस के बीच में सेमीफाइनल मुकाबले को लेकर बात की जाए तो पहले हाफ में ही फ्रांस की एक गलती उनपर भारी पड़ गई जिससे स्पेन को पहला गोल करने का मौका मिला। पहले हाफ में खेल के 22वें मिनट के दौरान जब स्पेन लामिन यमाल गेंद को बॉक्स के अंदर लेकर पहुंचे तो वहां पर फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिग्ने ने उन्हें फाउल कर दिया जिससे स्पेन को पेनल्टी मिल गई। स्पेन की तरफ से पेनल्टी के लिए आए मिकेल ओयरजाबल ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल पोस्ट के अंदर पहुंचाने के साथ अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। पहले हाफ का खेल खत्म होने पर स्कोर लाइन 1-0 ही रही। वहीं दूसरे हाफ में खेल के 58वें मिनट में पेड्रो पोरो ने दानी ओल्मो के साथ मिलकर शानदार जुलगबंदी दिखाते हुए गेंद को फ्रांस के गोल पोस्ट तक लेकर गए और गोल करने के साथ जहां अपनी टीम को 2-0 की बढ़त दिलाई तो वहीं इसी के साथ उनकी जीत भी तय हो गई।
दूसरे सेमीफाइनल पर सभी की नजरें
डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच में खेले जाने वाले दूसरे सेमीफाइनल को लेकर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं, जिसमें ये मुकाबला भारतीय समयानुसार 16 जुलाई की देर रात 12:30 पर अटलांटा के स्टेडियम में खेला जाएगा। वहीं फ्रांस की टीम अब दूसरे सेमीफाइनल में हार का सामना करने वाली टीम के खिलाफ तीसरे स्थान का मुकाबला 19 जुलाई को खेलेगी। वहीं फाइनल मुकाबला 20 जुलाई को न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा।
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